Skip to main content

Saree For Women इन पर अभी भारी डिस्काउंट मिल रहा है।

आपके जीवन में कोई लक्ष्य है तो आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता......

यदि आपके जीवन में कोई लक्ष्य है तो आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता

यदि आपके जीवन में कोई लक्ष्य है तो आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता


आपके पास जो है. उसमें संतुष्ट रहना, आजादी और बेतकल्लुफी से जीना. एक अच्छा पारिवारिक जीवन और अच्छा दोस्त होना ही खुशी है। जिंदगी आप सभी के लिए हमेशा दर्द लेकर आएगी। आपकी जिमेदारी है उससे खुशी पैदा करना। खुशी का रहस्य वह नहीं है जो आप पसन्द करते हो ,बल्कि वह है जो जिसे भी पसन्द करता है। क्या आप मुझे पसन्द करते हो। 

जीवन पर अच्छे विचार से आपको भी अनुभव होगा की ये बातें सत्य है। जो जीवन के संघर्ष से लड़ने के लिए सही सोच-विचार और मानसिक स्थिति तैयार करते है। 

यदि आपके जीवन में कोई लक्ष्य है तो आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। आप पूरी लगन और मेहनत के साथ अपना कर्म करते रहिए तो आपको आपकी मंजिल अवश्य मिलेगी। 

1 . हमारे सारे सपने सच हो सकते है ,अगर हमारे पास आगे बढ़ाने की हिम्मत हो। 

2 . जीवन बहुत सरल है, परन्तु हम इसे मुश्किल बनाने में लगे रहते है। 

3 . अगर आपको हार के दर्द को सहने की आदत है तो आप एक दिन जरूर जीतकर भी दिखा सकते है। 

4 . प्रयास करने वाला इंसान एक बार गिरता है लेकिन प्रयास ना करने वाले लोग जीवन भर गिरते रहते है। 

5 , मृत्यु से डरो नहीं बल्कि जो जीवन अभी नहीं जी है उसके लिए डरो। तुम्हे हमेशा के लिए जीना है , तुम्हे बस जीना है। 

6 . जीवन में जरुरी नहीं की हम सबसे अच्छे बने ,केवल यह जरुरी है की हम सर्वात्तम प्रयास करे। 

7 . अपनी पीड़ा के लिए संसार को दोष मत दीजिये,अपने मन को समझाओ , तुम्हारे मन का परिवर्तन ही तुम्हारे दुखो का अंत है। 

8 . दिन में एक बार अपने आप से जरूर बात करे,, वरना तुम दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण इंसान से बात कर ही नहीं पाओंगे।

जीवन एक बांसुरी की तरह है जिस तरह बांसुरी में अनेक छेद होते है उसी प्रकार हमारे जीवन में भी छेद रूपी अनेक समस्याए व परेशानिया आती है किन्तु जीवन में सफल वही इंसान होता है जो इस जीवन रुपी बांसुरी को बजाना सिख जाये। . 

अगर जीवन में कुछ बनाना है या दूसरो से अलग कुछ करना है तो आपको संघर्ष करना ही पड़ेगा क्यों की बिना संघर्ष और मेहनत के कुछ हासिल नहीं होता। हीरे में भी तभी चमक आती है जब उसे घिस घिसकर तराशा जाता है उसी तरह आप भी अपने हुनर और हौसले को तराशे और संघर्ष करने से पीछे मत भागे क्यों की जिस दिन आप स्वयं को तरसोगे उस दिन से आपका जीवन पूरी तरह से बदल जाएगा। 

यह भी पढ़े :-  मुझे गलत मत समझना,

                      साड़ी मात्र 195 रु. बम्पर धमाका फोटो OM TEXTILES SHOWROOMS

                        https://dharsansar.blogspot.com/

अगर आपको जानकारी अच्छी लगी है तो अपने दोस्तो को शेयर करना ना भूले।


Comments

Popular posts from this blog

मुझे गलत मत समझना,

          मुझे गलत मत समझना।                कई बार हम ऐसा काम करते है जिसे करने का इरादा गलत नहीं होता है लेकिन वो गलत हो जाता है।  हर किसी की जिंदगी में ऐसे लोग होते है जिसके लिए अच्छा काम करने पर भी सम्मान नहीं मिलता है। उस परिस्थिति में आप किसी के लिए कितना भी करो।  लेकिन लोग भूल जाते है।  मुझे गलत मत समझना मुझे गलत मत समझना।  चलो हम गलत थे, इस बात को मान लिया  अब तो हमें माफ़ कर दो ,बताओं हमने क्या बिगाड़ दिया।  सर्दियों में सफेद तिल आयुर्वेद के अनुसार गुणों से है भरपूर..जानें तिल खाने के फायदे- मुझे गलत मत समझना।  एक बात का ध्यान रखना ,बदला लेने की नहीं थी मेरी नियत।  काम तो मेने सही किया था, लेकिन किसी के लिए हो सकता है गलत।  मुझे गलत मत समझना मुझे गलत मत समझना।  जिन लोगो के लिए हमने, अपने आप को दुनिया से त्याग दिया , आज उन लोगो ने ही हमें भुला दिया , में थोड़ा खामोश क्या हुआ , लोग मुझसे दूर हो गये ,सारे रिश्ते नाते तोड़ दिए ,लोग भूलने पर मजबूर हो गए।  यह भी पढ़े :-...

भगवान शिव ने हनुमान जी के रूप में अवतार लिया। आखिर क्यों,

  भगवान  शिव ने हनुमान जी के रूप  में अवतार लिया। आखिर क्यों,   भगवान शिव ने हनुमान जी के रूप  में अवतार लिया था इस बात को कई बार पढ़ा और सुना होगा। लेकिन उन्होंने ऐसा क्यों किया था इस बात को जानने के लिए हमें इससे जुड़ी कहानी के बारे में जानना होगा। कहानी रामायण के प्रारंभ की है जब धरती पर श्री राम जी अवतार हुआ था। शिव का अवतार हनुमान जी ही थे और यह सच भी है की भगवान राम ही शिव के हनुमान जी अवतार का कारण बने थे। रामायण में बताया गया है की एक बार भगवान शिव की भी इच्छा हुई थी की पृथ्वी लोक चलकर भगवान राम के दर्शन किये जाये। उस समय भगवान राम जी की उम्र 5 साल के आसपास रही होगी। भगवान शिव के सामने समस्या यह थी की वह अपने असली रूप में नहीं जा सकते थे। ऐसे में एक दिन शिव ने माता पार्वती से कहा -जानती हो  पार्वती मेरे राम ने पृथ्वीपर जन्म लिया है और उनके दर्शन की सेवा का मन हुआ है। मेरी इच्छा है की अब में यहां से चला जाऊ और जिस लोक में राम है वही में भी रहुँ।  यह भी पढ़े :-   विवाह की अड़चनों को दूर करने का उपाय, करते ही होती है चट मंगनी और...